भारतीय संविधान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

 

भारतीय संविधान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य : (Important facts about Indian Constitution) जय हिन्द दोस्तों आज के इस लेख

में जानगे कुछ महत्वपूर्ण तथ्य ( Some Important Facts Indian Constitution) के बारे में ये इस लेख में भी प्रतियोगी परीक्षा में

अवश्य प्रश्न पूछे जाते है तो दोस्तों एक बार अवश्य पढ़े । ये सभी  जानकारी आप के लिए और प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण

है क्योकि ये सभी प्रश्न प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का रुपान्तरण है तो दोस्तों आइये जानते है भारतीय संविधान के

महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में । 

भारतीय संविधान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

Important facts about Indian Constitution

भारतीय संविधान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
भारतीय संविधान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

भारत के प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह अपने कार्यकाल में संसद में कभी भी उपस्थित नहीं हुए । 

स्वतंत्र भारत के प्रथम वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी थे । इनके द्वारा स्वतंत्रता भारत का प्रथम केन्द्रीय बजट 26

नवम्बर, 1947 को प्रस्तुत किया गया था। 1949 में उनके स्थान पर जॉन मथाई को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र संघ में सर्वप्रथम  हिन्दी में भाषाण देने वाले प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी थे । 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 में राज्यों के लिए विशेष उपबंध किये गये है । 

गोलक नाथ बनाम पंजाब राज्य विवाद में सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार संसद की संविधान संशोधन की शक्ति को सीमित किया । 

संविधान 86 वाँ संशोधन 6 से 14 वर्ष आयु के बच्चों को निशुल्क एवं  अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है ।

दल – बदल निरोधक अधिनियम 15 फरवरी, 1985 को पारित हुआ । 

53 वें संविधान संशोधन  द्वारा मिजोरम  को राज्य का दर्जा दिया गया । 

36 वें संविधान संशोधन द्वारा सिक्किम  को पूर्ण रूप का दर्जा दिया ।

लोकसभा में आंग्ल भारतीय सदस्यों के लिए प्रावधान  अनुच्छेद 331 में थे । जिसे 104 वें संविधान संशोधन द्वारा

2019 में समाप्त कर दिया गया है । 

पंचायत समितियों के सदस्य जनता द्वारा  प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किये जाते है । 

राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र पंचायत के लिये क्षेत्रों का निर्धारण किया जाता है । 

73 वें संविधान संशोधन का अभिपालन करने वाला पहला राज्य मध्य प्रदेश था । 

अनु्च्छेद 43 के तहत मनरेगा कार्यक्रम लागा गया । 

प्रथम पंचायती राज व्यवस्था  का उद्घाटन  पंडित जवाहल लाल नेहरू द्वारा 2 अक्टूबर, 1959 में राजस्थान  के नागौर जिले  से किया गया । 

नीति आयोग एक संवैधानोत्तर निकाय है । इसका गठन योजना आयोग के स्थान पर किया गया है । यह सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर आधारित है । 

6 अगस्त 1952 को भारत में राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किया गया था । 

राष्ट्रपति दो या दो से अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग का गठन कर सकता है । 

सातवीं अनुसूची में केंद्र राज्य संबंधों का उल्लेख है । 

भारतीय  संसद में अवशिष्ट शक्तियाँ निहित है । 

मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में उच्च न्यायालय का गठन मार्च, 2013 में किया गया । 

अंडमान – निकोबार द्वीपसमूह कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है । 

अनुच्छेद 2000 के अंतर्गत राज्यपाल राष्ट्रपति के विचार के लिए किसी विधेयक को सुरक्षित रखता है । 

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है । 

भारत का राष्ट्रपति  सर्वोच्च न्यायालय में कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश एवं तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है। 

भारत  के प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए ।

जवाहरलाल नेहरू 1946 में निर्मित  अन्तरिम सरकार में कार्यापालिका परिषद के उप- सभापति थे ।

योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 के हुई थी। 

प्रधानमंत्री नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष होते है । 

सम्पत्ति का अधिकार एक विधिक अधिकार है । 

डॉ. अम्बेडकर  का सविधान  सभा मे निर्वाचन बम्बई प्रेसीडेन्सी से हुआ । 

नरसिंह दत्त पहली अभिनेत्री जिन्हें राज्य सभा के लिए मनोनीत किया गया । 

संसद में शून्य काल का समय दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक का होता है । जिसे संसद का दूसरा घण्टा कहा जाता है । 

नरसिंह दत्त  पहली अभिनेत्री थी जो राज्य सभा के नामांकित कि गई थी।

राष्ट्रपति पद्धति में समस्त कार्यपालिका की शक्तियाँ राष्ट्रपति में निहित होती है । 

नए राज्य के गठन की शक्ति संसद में निहित है ।

दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा 69 वें संविधान संशोधन द्वारा दिया गया । 

राज्य पुनर्गठन आयोग ने 1 नवम्बर, 1956 को 14 राज्य एवं 6 संघ राज्य बनाए । 

आन्ध्र प्रदेश  भाषाई आधार पर गठित भारत का पहला राज्य है । 

इसे भी जाने – भारतीय संविधान क्वीज ( प्रैक्ट्रिस सेट  सीरिज)  – क्लिक करें 

कोवरी जल विवाद के अन्तर्गत  कर्नाटक, पाण्टिचेरी , केरल एवं तमिलनाडु राज्य है। 

भाषा के आधार पर राज्यों के गठन हेतु राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना 29 दिसम्बर, 1953 को की गयी थी।

भारतीय संवधान में समता का अधिकार अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18 में प्रदान किया गया है । 

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे । 

भारत के महान्ययवादी  का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 76 में है । 

1956 भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया । 

संसदीय कानून द्वारा क्षेत्रीय परिषदों का सृजन होता है । 

दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा 69 वें संविधान संशोधन द्वारा दिया गया । 

भारत के उपराष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचन  मण्डल द्वारा किया जाता है , जिसके सदस्य संसद के दोनों सदनों के सदस्य होते है । 

अनुच्छेद 123– भारत के राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान है  । 

अनुच्छेद 111- राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किसी बिल पर अपनी स्वीकृति रोक सकते है । 

कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना का प्रावधान रेगुलेटिंग एक्ट – 1773 में किया गया था।

राज्य सभा में कुल सदस्य संख्या  250 है  जिसमें 12 सदस्य राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत किये जाते है । 

1919 के भारत सरकार अधिनियम तहत भारतीय विधानपालिका पहली बार – द्वी सदनीय बनाई गई । 

संसदीय कानून द्वारा क्षेत्रीय परिषदों का सजृन होता है । 

सुचेता कृपलानी (उत्तर प्रदेश) भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी । 

जनहित याचिका उच्च न्यायलय एवं उच्चतम न्यायालय में दोनों में प्रस्तुत की जा सकती है । 

अनुच्छेद 40 – राज्य सरकार को ग्राम पंचायतों को संगठित करने के लिए निर्देशित करता है । 

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान की मूल संरचना का प्रतिपादन केशावानन्द भारती बनाम केरल राज्य मुकदमें में किया । 

संघीय मंत्रिमण्डल  का पुनर्गठन गोपालस्वामी आयंगर रिपोर्ट पर आधारित था । 

अनुच्छेद 25 में धर्म की स्वतंत्रता से सम्बन्धित है। 

जी. आस्टिन ने भारतीय संघवाद को सहकारी  संघवाद कहा है । 

छत्तीसगढ़ राज्य के रूप में 1 नवम्बर, 2000 को आया । 

भारत के लिए संविधान की रचना हेतु संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम स्वराज पार्टी द्वारा 1934 में प्रस्तुत किया गया था।

 

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: